जब भी आप मार्केट में खरीदारी करते हैं तो दुकानदार आपको बिल थमा देता है, जो आपके और उसके बीच सामान के लेन-देन का रिकार्ड माना जाता है

इसी प्रकार जब भी कोई सामान आप आनलाइन मंगाते हैं तो उसकी इनवाॅइस भी प्रोडक्ट पैकिंग पर लगी होती है

यह भी मंगाई वस्तु की खरीद-बेच को लेकर आपके एवं आनलाइन विक्रेता के बीच लेन-देन का रिकार्ड होता है।

क्या बिल (bill) एवं इनवाॅइस (invoice) एक ही हैं? यदि अलग अलग हैं तो इन दोनों में क्या अंतर है? बहुत से लोगों को इसका नहीं पता होता। ज्यादातर लोग इन्हें एक ही मानकर चलते हैं

दोस्तों, इनवाॅइस के बारे में बात करने से पूर्व बिल के बारे में जानना आवश्यक होगा। बिल क्या है

(What is a bill) आपको बता दें कि यह विक्रेता (seller) एवं खरीदार/ग्राहक (customer) के बीच हुए लेन-देन (transaction) का लिखित रिकार्ड (record) होता है

समें लेन-देन की तारीख (date of transaction), बिल संख्या (bill number), वस्तु का ब्योरा (details of product), दुकान का नाम (name of the shop), ग्राहक का नाम (customer’s name) और मोबाइल नंबर (mobile number) लिखा जाता है। जैसे-मान लीजिए आपने एक सीलिंग फेन खरीदा है तो विक्रेता आपको इस बिल काटकर देगा।

इसमें बिल संख्या, दुकान का नाम, ग्राहक का नाम एवं मोबाइल नंबर, सीलिंग फैन के माडल आदि का ब्योरा रहेगा। साथ ही आपके द्वारा चुकाई गई राशि (paid amount) का भी जिक्र होगा